कक्षा ९ गणित अध्याय 4 प्रश्नावली 4.1 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
सर्वसमिका (a + b)² = a² + 2ab + b² का उपयोग करके निम्नलिखित का विस्तार कीजिए — (i) (7x + 4y)²   (ii) (7x/5 + 3y/2)²   (iii) (2.5p + 1.5q)²   (iv) (3s/4 + 8t)²   (v) (x + 1/2y)²   (vi) (1/x + 1/y)²
उत्तर

प्रत्येक भाग में पहले a और b पहचानिए, फिर बिना हाथ से गुणा किए सीधे a² + 2ab + b² लिख दीजिए।

(i) (7x + 4y)² — यहाँ a = 7x, b = 4y।

(7x)² + 2(7x)(4y) + (4y)²
= 49x² + 56xy + 16y²

(ii) (7x/5 + 3y/2)² — a = 7x/5, b = 3y/2।

(7x/5)² + 2(7x/5)(3y/2) + (3y/2)²
= 49x²/25 + (42/10)xy + 9y²/4
= 49x²/25 + 21xy/5 + 9y²/4

(iii) (2.5p + 1.5q)² — a = 2.5p, b = 1.5q।

(2.5p)² + 2(2.5p)(1.5q) + (1.5q)²
= 6.25p² + 7.5pq + 2.25q²
(भिन्न रूप में: 25p²/4 + 15pq/2 + 9q²/4)

(iv) (3s/4 + 8t)² — a = 3s/4, b = 8t।

(3s/4)² + 2(3s/4)(8t) + (8t)²
= 9s²/16 + 12st + 64t²

(v) (x + 1/2y)² — a = x, b = 1/(2y)।

x² + 2(x)(1/2y) + (1/2y)²
= x² + x/y + 1/(4y²)

(vi) (1/x + 1/y)² — a = 1/x, b = 1/y।

(1/x)² + 2(1/x)(1/y) + (1/y)²
= 1/x² + 2/(xy) + 1/y²
भिन्नों और 1/x पर भी सर्वसमिका क्यों लागू होती है: सर्वसमिका अपने चरों के सभी मानों के लिए सत्य होती है। अत: a और b का पूर्ण संख्या होना आवश्यक नहीं, न ही उनका हर में चर से रहित होना — कोई भी परिभाषित व्यंजक रखा जा सकता है। भाग (v) में इसका अर्थ है y ≠ 0, तथा भाग (vi) में x ≠ 0 और y ≠ 0।
स्वयं जाँचिए: (vi) में x = 1, y = 1 रखिए। बायाँ पक्ष (1 + 1)² = 4 तथा दायाँ पक्ष 1 + 2 + 1 = 4। एक सुविचारित प्रतिस्थापन अधिकांश भूलें पकड़ लेता है।
प्र2.
उपर्युक्त सर्वसमिका का उपयोग करते हुए निम्नलिखित का मान ज्ञात कीजिए — (i) (64)²   (ii) (105)²   (iii) (205)²
उत्तर

प्रत्येक संख्या को इस प्रकार विभाजित कीजिए कि एक भाग पूर्ण दहाई/सैकड़ा हो और दूसरा छोटा।

(i) 64² = (60 + 4)²

= 60² + 2 × 60 × 4 + 4²
= 3600 + 480 + 16
= 4096

(ii) 105² = (100 + 5)²

= 100² + 2 × 100 × 5 + 5²
= 10000 + 1000 + 25
= 11025

(iii) 205² = (200 + 5)²

= 200² + 2 × 200 × 5 + 5²
= 40000 + 2000 + 25
= 42025
यह दीर्घ गुणा से शीघ्र क्यों है: a², 2ab तथा b² तीनों भाग तब सरल होते हैं जब a दस का गुणज हो — a² और 2ab शून्यों पर समाप्त होते हैं, इसलिए वास्तविक गणना केवल छोटे वर्ग b² की रह जाती है। आप एक कठिन गुणा के बदले तीन सरल गुणा कर रहे हैं।
संकेत: वह विभाजन चुनिए जिसमें b छोटा रहे। 64 को (70 − 6)² भी लिखा जा सकता है, परंतु 60 + 4 में b = 4 रहता है और यह सरल है।
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