प्र1.
जेम्स और रेशमा विद्यालय में सीखी गईं बीजीय सर्वसमिकाओं के विषय में बात कर रहे थे — जेम्स— (a − b)² (a + b) = (a² − 2ab + b²)(a + b). रेशमा— मेरा मत भिन्न है। (a − b)² (a + b) = (a − b) [(a − b) (a + b)] = (a − b)(a² − b²). उत्तर प्राप्त करने हेतु मैं यह गुणनफल ज्ञात करूँगी। आपके अनुसार कौन सही है और क्यों?
उत्तर
दोनों सही हैं। ये एक ही व्यंजक तक पहुँचने के दो रास्ते हैं और दोनों वैध हैं। रेशमा का रास्ता छोटा है।
जेम्स का रास्ता — पहले वर्ग का विस्तार:
(a² − 2ab + b²)(a + b)
= a³ + a²b − 2a²b − 2ab² + ab² + b³
= a³ − a²b − ab² + b³
= a³ + a²b − 2a²b − 2ab² + ab² + b³
= a³ − a²b − ab² + b³
रेशमा का रास्ता — पहले पुनर्समूहन, ताकि a² − b² प्रकट हो जाए:
(a − b)[(a − b)(a + b)] = (a − b)(a² − b²)
= a³ − ab² − a²b + b³
= a³ − a²b − ab² + b³
= a³ − ab² − a²b + b³
= a³ − a²b − ab² + b³
दोनों उत्तर समान हैं, और दोनों का गुणनखंडन भी वही है:
a³ − a²b − ab² + b³ = a²(a − b) − b²(a − b) = (a − b)(a² − b²) = (a − b)²(a + b)
रेशमा पुनर्समूहन क्यों कर सकती है: गुणन साहचर्य (associative) होता है, अत: (a − b)²(a + b) को [(a − b)(a − b)](a + b) भी पढ़ा जा सकता है और (a − b)[(a − b)(a + b)] भी — कोष्ठक हमारे लगाए हुए हैं, व्यंजक के अपने नहीं। इसके बाद वह देखती है कि इनमें से एक युग्म, (a − b)(a + b), एक ज्ञात सर्वसमिका है, अत: उसे a² − b² से बदल देती है और केवल एक सरल गुणा शेष रह जाता है। जेम्स को तीन पदों वाले व्यंजक को दो पदों वाले से गुणा करना पड़ता है, जिससे छह पद बनते हैं और उनमें से दो बाद में कट जाते हैं।
यह कीजिए: इसी प्रकार सर्वसमिकाओं को संयोजित करके नए परिणाम पाइए। जैसे (a + b)³(a − b)³ = [(a + b)(a − b)]³ = (a² − b²)³ — तीन पंक्तियों का काम एक पंक्ति में।