प्र1.
ΔABC की रचना कीजिए, जिसमें AB = 5 सेंटीमीटर, ∠A = 70° और ∠B = 60° है। ΔABC के परिवृत्त की रचना कीजिए। क्या इस वृत्त का केंद्र त्रिभुज के अंदर या बाहर स्थित है?
उत्तर
केंद्र त्रिभुज के अंदर स्थित है।
रचना —
- AB = 5 सेंटीमीटर खींचिए।
- A पर AB से 70° का और B पर BA से 60° का कोण बनाती किरणें खींचिए। ये C पर मिलती हैं।
- AB और BC के लंब समद्विभाजक बनाइए। ये O पर मिलते हैं।
- केंद्र O और त्रिज्या OA लेकर वृत्त बनाइए। यह B और C से भी होकर जाएगा।
∠C = 180° − 70° − 60° = 50°
कोण 70°, 60°, 50° हैं — तीनों न्यूनकोण, अत: ΔABC एक न्यूनकोण त्रिभुज है।
न्यूनकोण त्रिभुज के लिए परिकेंद्र त्रिभुज के अंदर स्थित होता है।
कोण 70°, 60°, 50° हैं — तीनों न्यूनकोण, अत: ΔABC एक न्यूनकोण त्रिभुज है।
न्यूनकोण त्रिभुज के लिए परिकेंद्र त्रिभुज के अंदर स्थित होता है।
स्वयं जाँचिए: OA, OB, OC मापिए — तीनों लगभग 3.3 सेंटीमीटर आने चाहिए। (ठीक-ठीक, R = AB / (2 sin C) = 5 / (2 sin 50°) ≈ 3.26 सेंटीमीटर।)
ऐसा क्यों होता है: परिकेंद्र O से भुजा AB पर बना कोण ∠AOB = 2∠C होता है। O त्रिभुज के अंदर तभी रहता है जब ये तीनों केंद्रीय कोण 2∠A, 2∠B, 2∠C 180° से कम हों — अर्थात त्रिभुज का प्रत्येक कोण 90° से कम हो।