क्रमश: उत्तर — ऐसा कोई P नहीं है; दोनों लंब समद्विभाजक समांतर हैं; तीन संरेखीय बिंदुओं से कोई वृत्त नहीं जाता; और कोई रेखा वृत्त को तीन बिंदुओं पर नहीं काट सकती। चारों वस्तुत: एक ही तथ्य के चार रूप हैं।
लंब समद्विभाजक समांतर हैं। मान लीजिए A, B, C रेखा ℓ पर हैं, AB का मध्यबिंदु M और BC का मध्यबिंदु N है। AB का लंब समद्विभाजक M से होकर ℓ पर लंब रेखा है; BC का लंब समद्विभाजक N से होकर ℓ पर लंब रेखा है। एक ही रेखा पर लंब दो रेखाएँ समांतर होती हैं। चूँकि M ≠ N है (बिंदु भिन्न हैं), ये दो भिन्न समांतर रेखाएँ हैं और कभी नहीं मिलतीं।
PB = PC वाला P ⇒ P, BC के लंब समद्विभाजक पर
ये दोनों रेखाएँ भिन्न व समांतर हैं ⇒ कोई उभयनिष्ठ बिंदु नहीं ⇒ ऐसा कोई P नहीं
संरेखीय बिंदुओं से वृत्त नहीं: वृत्त के लिए ऐसा केंद्र चाहिए जो तीनों से समदूरस्थ हो — अर्थात वही बिंदु P, जिसका अस्तित्व अभी असंभव सिद्ध हुआ।
रेखा वृत्त को तीन बिंदुओं पर नहीं काटती: यदि कोई रेखा वृत्त को तीन बिंदुओं पर काटती तो वे तीन बिंदु संरेखीय भी होते और संवृत्तीय भी — जो ऊपर की बात से असंभव है। कोई रेखा वृत्त को 0, 1 या अधिक से अधिक 2 बिंदुओं पर ही काटती है।