प्र1.
क्या होगा, यदि A, B और C एक ही रेखा पर स्थित हों या संरेखीय हों? क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि क्यों इस स्थिति में A, B और C से होकर कोई वृत्त नहीं जाता?
उत्तर
तीन संरेखीय बिंदुओं से होकर कोई भी वृत्त नहीं जाता।
दिया गया है: A, B, C एक ही रेखा पर स्थित तीन भिन्न बिंदु हैं। सिद्ध करना है: कोई बिंदु O ऐसा नहीं है जिसके लिए OA = OB = OC हो।
मान लीजिए ऐसा वृत्त है जिसका केंद्र O है।
OA = OB ⇒ O, AB के लंब समद्विभाजक पर स्थित है
OB = OC ⇒ O, BC के लंब समद्विभाजक पर स्थित है
किंतु AB और BC एक ही रेखा ℓ पर हैं।
अत: दोनों लंब समद्विभाजक ℓ पर लंब हैं ⇒ वे परस्पर समांतर हैं।
ये भिन्न बिंदुओं से होकर जाते हैं (AB और BC के मध्यबिंदु भिन्न हैं), अत: ये दो भिन्न समांतर रेखाएँ हैं — जो कभी नहीं मिलतीं।
अत: ऐसा कोई बिंदु O है ही नहीं। तीन संरेखीय बिंदुओं से होकर कोई वृत्त नहीं जाता।
OA = OB ⇒ O, AB के लंब समद्विभाजक पर स्थित है
OB = OC ⇒ O, BC के लंब समद्विभाजक पर स्थित है
किंतु AB और BC एक ही रेखा ℓ पर हैं।
अत: दोनों लंब समद्विभाजक ℓ पर लंब हैं ⇒ वे परस्पर समांतर हैं।
ये भिन्न बिंदुओं से होकर जाते हैं (AB और BC के मध्यबिंदु भिन्न हैं), अत: ये दो भिन्न समांतर रेखाएँ हैं — जो कभी नहीं मिलतीं।
अत: ऐसा कोई बिंदु O है ही नहीं। तीन संरेखीय बिंदुओं से होकर कोई वृत्त नहीं जाता।
ऐसा क्यों होता है: प्रमेय 1 इसलिए काम करती है क्योंकि वास्तविक त्रिभुज के दो लंब समद्विभाजक समांतर नहीं होते, अत: वे ठीक एक बिंदु पर काटते हैं। संरेखीयता ठीक इसी चरण को नष्ट कर देती है — दोनों समद्विभाजक समांतर हो जाते हैं, प्रतिच्छेद बिंदु लुप्त हो जाता है और उसके साथ केंद्र भी।
स्वयं जाँचिए: इसी बात को उलटकर पढ़ें तो यह कहती है कि कोई सरल रेखा वृत्त को अधिक से अधिक 2 बिंदुओं पर ही काट सकती है — तीन पर कभी नहीं।