कक्षा ९ गणित अध्याय 5 प्रश्नावली 5.3 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि प्रमेय 4 का विलोम सत्य क्यों है— किसी वृत्त के केंद्र से जीवा पर खींचा गया लंब उस जीवा को क्यों समद्विभाजित करता है? (संकेत— चित्र 5.12 का उपयोग कीजिए। आपको बताया गया है कि ∠CMA = ∠CMB = 90° है। आपको प्रदर्शित करना है कि AM = BM है।)
उत्तर

दिया गया है: केंद्र C वाला वृत्त, जीवा AB, और CM ⊥ AB जहाँ M, AB पर स्थित है। सिद्ध करना है: AM = BM।

ΔCMA और ΔCMB में —
∠CMA = ∠CMB = 90° (दिया गया है — CM, AB पर लंब है)
CA = CB = r (त्रिज्याएँ — ये कर्ण हैं)
CM = CM (उभयनिष्ठ भुजा)
RHS सर्वांगसमता प्रतिबंध द्वारा ΔCMA ≅ ΔCMB
∴ AM = BM (संगत भुजाएँ) — CM जीवा AB को समद्विभाजित करता है

बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से वैकल्पिक विधि —

AM² = CA² − CM² और BM² = CB² − CM²
CA = CB = r है और CM दोनों में वही है
⇒ AM² = BM² ⇒ AM = BM (लंबाइयाँ धनात्मक होती हैं)
RHS ही क्यों, SSS क्यों नहीं: यहाँ हमें समकोण और दोनों कर्ण दिए गए हैं और तीसरी भुजाओं का युग्म अभी ज्ञात नहीं है — यही तो RHS की स्थिति है। प्रमेय 4 में इसके ठीक विपरीत मध्यबिंदु दिया था और समकोण सिद्ध करना था; वहाँ SAS उपयुक्त था।
प्र2.
एक वृत्त के अंतर्गत समद्विबाहु त्रिभुज ABC अंतर्निहित है, जिसमें AB = AC है। प्रदर्शित कीजिए कि A से BC पर डाला गया लंब वृत्त के केंद्र से होकर जाता है।
उत्तर

दिया गया है: केंद्र O वाले वृत्त में अंतर्निहित ΔABC, जिसमें AB = AC है। मान लीजिए AD, A से BC पर लंब है। सिद्ध करना है: O, AD पर स्थित है।

चरण 1 — A से डाला गया लंब BC का लंब समद्विभाजक है। ΔABD और ΔACD में — AB = AC (दिया गया), AD उभयनिष्ठ, ∠ADB = ∠ADC = 90°। RHS द्वारा ΔABD ≅ ΔACD, अत: BD = DC। इस प्रकार AD, BC पर लंब है और उसके मध्यबिंदु D से होकर जाता है — अर्थात यह BC का लंब समद्विभाजक ही है।

चरण 2 — जीवा का लंब समद्विभाजक केंद्र से होकर जाता है। BC एक जीवा है और OB = OC (त्रिज्याएँ), अत: O, B और C से समदूरस्थ है। B और C से समदूरस्थ प्रत्येक बिंदु BC के लंब समद्विभाजक पर स्थित होता है। अत: O उसी रेखा पर है।

BC का लंब समद्विभाजक = रेखा AD (चरण 1)
O, BC के लंब समद्विभाजक पर स्थित है (चरण 2)
O, AD पर स्थित हैA से डाला गया लंब केंद्र से होकर जाता है
A B C O D
AD, BC को समकोण पर समद्विभाजित करता है, अत: वह जीवा BC का लंब समद्विभाजक है और केंद्र O से होकर जाएगा।
संकेत: समद्विबाहु त्रिभुज में शीर्ष से खींची गई ऊँचाई, माध्यिका, कोण समद्विभाजक और आधार का लंब समद्विभाजक — सब एक ही रेखा होते हैं, और यहाँ वह रेखा परिवृत्त का व्यास भी है।
प्र3.
किसी वृत्त की 6 सेंटीमीटर और 8 सेंटीमीटर लंबाई की दो समांतर जीवाएँ वृत्त के केंद्र के विपरीत स्थित हैं। यदि वृत्त की त्रिज्या 5 सेंटीमीटर हो तो जीवाओं के मध्यबिंदुओं के मध्य दूरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर

दूरी = 7 सेंटीमीटर।

केंद्र O से प्रत्येक जीवा पर लंब डालिए। प्रमेय 5 के अनुसार प्रत्येक लंब अपनी जीवा को समद्विभाजित करता है, अत: उसका पाद उस जीवा का मध्यबिंदु है।

जीवा AB = 6 सेंटीमीटर ⇒ आधी जीवा = 3 सेंटीमीटर
d₁² = r² − 3² = 5² − 3² = 25 − 9 = 16 ⇒ d₁ = 4 सेंटीमीटर

जीवा PQ = 8 सेंटीमीटर ⇒ आधी जीवा = 4 सेंटीमीटर
d₂² = r² − 4² = 5² − 4² = 25 − 16 = 9 ⇒ d₂ = 3 सेंटीमीटर

जीवाएँ O के विपरीत ओर हैं और दोनों लंब O से होकर जाती एक ही रेखा पर हैं।
मध्यबिंदुओं के मध्य दूरी = d₁ + d₂ = 4 + 3 = 7 सेंटीमीटर
O 6 सेमी 8 सेमी 4 3
केंद्र के विपरीत ओर होने पर दोनों दूरियाँ जुड़ती हैं। ध्यान दीजिए, लंबी जीवा (8 सेमी) ही अधिक समीप (3 सेमी) है।
संकेत: "विपरीत ओर" ⇒ दूरियाँ जोड़िए; "एक ही ओर" ⇒ दूरियाँ घटाइए। इन प्रश्नों में सबसे आम भूल यही उलट-फेर है।
जाँच: प्रमेय 8 कहती है कि लंबी जीवा केंद्र के अधिक समीप होगी। यहाँ 8 सेंटीमीटर वाली जीवा 3 सेंटीमीटर पर है और 6 सेंटीमीटर वाली 4 सेंटीमीटर पर — ठीक वैसा ही।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ