कक्षा ९ गणित अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
क्या आप चित्र 5.1 में आकृतियों के उद्भव की पहचान कर सकते हैं?
उत्तर

चित्र 5.1 के तीनों चित्र प्रकृति से लिए गए हैं और तीनों में आकृति वृत्त ही है।

  • बाईं ओर: शांत जल पर गिरती वर्षा की बूँदें। प्रत्येक बूँद से बनी तरंग सभी दिशाओं में समान चाल से फैलती है, अत: तरंग का प्रत्येक बिंदु उस बिंदु से समान दूरी पर रहता है जहाँ बूँद गिरी थी — यही वृत्त है।
  • बीच में: पेड़ के तने (पौधे के तने) की अनुप्रस्थ काट। वृद्धि के छल्ले लगभग वृत्ताकार होते हैं क्योंकि तना चारों ओर लगभग समान रूप से मोटा होता जाता है।
  • दाईं ओर: सूर्यमुखी का पुष्पक्रम। सभी छोटे पुष्प एक ही केंद्र के चारों ओर सजे रहते हैं और बाहरी सीमा वृत्त बनाती है।
ऐसा क्यों होता है: जब भी कोई वस्तु किसी एक बिंदु से सभी दिशाओं में समान रूप से बढ़ती या फैलती है, तो उसकी सीमा वे सभी बिंदु बनाते हैं जो उस बिंदु से निश्चित दूरी पर हैं। वृत्त की परिभाषा भी ठीक यही है। गुडाहांडी के गुफा चित्रकारों ने वृत्त इसलिए बनाए क्योंकि प्रकृति उन्हें यह आकृति बार-बार दिखा रही थी।
यह भी कीजिए: चित्र 5.2 में चंद्रमा और सूर्य भी वृत्ताकार दिखाई देते हैं — ये गोले हैं और दूर से देखने पर गोले की सीमारेखा वृत्त ही होती है।
प्र2.
गतिविधि — प्रकृति में विद्यमान कुछ वस्तुओं की सूची बनाइए, जो वृत्ताकार दिखाई देती हैं।
उत्तर

जो भी वस्तु किसी केंद्र से सभी दिशाओं में समान रूप से फैलती है, वह वृत्ताकार दिखाई देगी। हमारे आस-पास से कुछ उदाहरण —

  • तालाब में पत्थर गिरने से बनी तरंगें।
  • पूर्णिमा का चंद्रमा तथा पूर्ण सूर्यग्रहण के समय सूर्य।
  • कटे हुए लट्ठे पर बने वार्षिक छल्ले; बाँस या गन्ने के तने की अनुप्रस्थ काट।
  • सूर्यमुखी का फूल; कमल के बीजकोश का ऊपरी चपटा भाग।
  • फलों की काट — संतरा, नींबू, टमाटर।
  • पत्ती पर ठहरी वर्षा की बूँद; ऊपर से देखा गया साबुन का बुलबुला।
  • आँख की पुतली और परितारिका; पक्षी के घोंसले की सीमारेखा।
स्वयं जाँचिए: प्रत्येक वस्तु के लिए पूछिए — "क्या अंदर कोई ऐसा एक बिंदु है जिससे सीमा का हर बिंदु समान दूरी पर हो?" यदि उत्तर हाँ है तो आकृति वास्तव में वृत्त है; यदि नहीं (आम, अंडा) तो वह अंडाकार है, वृत्त नहीं।
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