प्र1.
यहाँ हमें एक r इकाई त्रिज्या वाला एक वृत्त दिखाई दे रहा है (चित्र 6.3)। इसका परिमाप क्या है? हम इसे कैसे ज्ञात करते हैं?
उत्तर
वृत्त का परिमाप — जिसे परिधि कहते हैं — 2πr इकाई होता है। इसे ज्ञात करना वर्ग का परिमाप ज्ञात करने जैसा नहीं है, क्योंकि यहाँ जोड़ने के लिए सीधे टुकड़े नहीं हैं।
ऐसा क्यों होता है: a भुजा वाले वर्ग का परिमाप 4a होता है, अर्थात परिमाप और भुजा का अनुपात प्रत्येक वर्ग के लिए 4 : 1 पर स्थिर रहता है, चाहे वर्ग छोटा हो या बड़ा। समबाहु त्रिभुज के लिए यह अनुपात 3 : 1 है। दोनों का कारण एक ही है — सभी वर्ग एक-दूसरे की मापित प्रतियाँ हैं, और मापन प्रत्येक लंबाई को एक ही गुणक से गुणा करता है, इसलिए दो लंबाइयों का अनुपात बदल ही नहीं सकता।
सभी वृत्त भी एक-दूसरे की मापित प्रतियाँ हैं। अतः अनुपात
परिधि ÷ व्यास = C/D
प्रत्येक वृत्त के लिए एक ही संख्या होना चाहिए। उसी संख्या को हम π कहते हैं। यह ज्ञात हो जाए तो C = πD = 2πr। अध्याय का काम यही जानना है कि π क्या है।
यह कीजिए: किसी बेलनाकार डिब्बे पर धागा एक बार लपेटिए, फिर सीधा करके उसकी लंबाई मापिए और डिब्बे के व्यास से भाग दीजिए। उत्तर 3 से कुछ अधिक आएगा।