कक्षा ९ गणित अध्याय 6 समष्टि मापन — परिमाप और क्षेत्रफल के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-08
इस अध्याय के बारे में
प्रत्येक वृत्त के लिए परिधि और व्यास का अनुपात एक ही संख्या π है। अतः C = 2πr = πd । π अपरिमेय है (लैम्बर्ट, 1761), इसलिए कोई भी भिन्न उसके बराबर नहीं — π ≈ 22/7 है किंतु π ≠ 22/7 । अधिक सटीक मान 355/113 (जू चोंगजी) और 3.1416 (आर्यभट) हैं; माधव ने पहला सटीक सूत्र दिया — π/4 = 1 − 1/3 + 1/5 − 1/7 + … वृत्त में घूर्णन सममिति है, इसलिए केंद्र पर θ° अंतरित करने वाली चाप पूरे वृत्त का θ/360 भाग होती है। अतः चाप की लंबाई = 2πr × θ°/360° तथा त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = πr² × θ°/360° । अर्द्धवृत्त (πr) और चतुर्थांश (πr/2) इन्हीं के θ = 180° और θ = 90° वाले रूप हैं। आयत का क्षेत्रफल = ab ; समांतर चतुर्भुज का = आधार × ऊँचाई (एक सिरे से त्रिभुज काटकर दूसरे सिरे पर लगाइए); त्रिभुज का = ½ × आधार × ऊँचाई (दो सर्वांगसम प्रतियाँ मिलकर समांतर चतुर्भुज बनाती हैं)। केवल भुजाओं की लंबाई से न समांतर चतुर्भुज का
अभ्यास
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- प्रश्नावली 6.1
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- प्रश्नावली 6.3
- अंतिम प्रश्नावली