कक्षा ९ गणित अध्याय 7 सोचिए और विचार कीजिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
यदि मैं 8 बार निरंतर पासा फेंकने पर सदैव 4 पाता हूँ तो अगली बार 4 आने की प्रायिकता अभी भी केवल ≈ 0.16 है (माना पासा निष्पक्ष है)। प्रायिकता आपको यह नहीं बताती कि आगे क्या होगा, अपितु दीर्घावधि में क्या होगा, इसका अनुमान लगाती है।
उत्तर

यह कथन सही है — और इसे ठीक-ठीक लिखना चाहिए। निष्पक्ष पासे के लिए अगला फेंक एक नया प्रयोग है जिसकी प्रतिदर्श समष्टि S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} है, अतः

P(अगली बार 4 आना) = 1/6 = 0.1666… ≈ 0.167
(पुस्तक इसे ≈ 0.16 तक सन्निकटित करती है)
ऐसा क्यों होता है: पासा अपने पिछले आठ फेंकों का कोई अभिलेख नहीं रखता। प्रत्येक फेंक एक स्वतंत्र घटना है, अतः प्रतिदर्श समष्टि और अनुकूल परिणामों की संख्या वही हैं जो पहले फेंक के समय थीं। ऐसी कोई क्रियाविधि है ही नहीं जिससे पिछला परिणाम घन के आकार को बदल सके।

यहाँ दो भिन्न प्रश्नों को मिला देने की भूल होती है —

  • फेंकने से पहले: P(लगातार नौ बार 4) = (1/6)9 ≈ 0.0000001 — वास्तव में अत्यंत छोटी संख्या।
  • आठ बार 4 आ जाने के बाद: वे आठ अब तथ्य हैं, संभावनाएँ नहीं। केवल नौवाँ फेंक अनिश्चित है और उसके लिए P = 1/6 है।

दुर्लभ बात नौ की पूरी शृंखला है, उसका अंतिम फेंक नहीं। यह मान लेना कि अब 4 आना 'कम संभव' हो गया है — अथवा उल्टा, कि पासा 'गरम' चल रहा है — पृष्ठ 164 वाला द्यूतकार का भ्रम है।

स्वयं जाँचिए: यहाँ एक उचित शंका अवश्य छिपी है, पर वह दूसरी है। लगातार आठ बार 4 आना निष्पक्ष पासे के पक्ष में इतना कमजोर प्रमाण है कि आप मान्यता पर ही संदेह करके यह जाँच सकते हैं कि पासा भारित तो नहीं है। यह प्रश्न पासे के विषय में है, नौवें फेंक के विषय में नहीं। जब तक पासा निष्पक्ष है, उत्तर 1/6 ही रहेगा।
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