कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.3 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
अब अपना एक कान डेस्क पर रखिए और दूसरा कान बंद कीजिए और चित्र 10.5 में दर्शाए अनुसार पुनः सुनिए। क्या आप डेस्क के माध्यम से ध्वनि सुन पाते हैं?
उत्तर

हाँ — और डेस्क से आने वाली आघात या खरोंच की ध्वनि वायु से आने वाली ध्वनि की तुलना में स्पष्ट रूप से अधिक प्रबल एवं तीक्ष्ण सुनाई देती है।

ऐसा क्यों होता है: आघात से डेस्क की लकड़ी कंपन करने लगती है। ठोस के कण पास-पास और मज़बूती से बँधे होने के कारण प्रत्येक कण विक्षोभ को अगले कण तक लगभग तुरंत पहुँचाता है और ऊर्जा बहुत कम इधर-उधर बिखरती है। वायु में वही ऊर्जा सभी दिशाओं में फैलकर तेज़ी से क्षीण हो जाती है। अतः डेस्क मूल ऊर्जा का कहीं बड़ा भाग आपके कान तक पहुँचा देती है।

निष्कर्ष: ध्वनि ठोसों से होकर भी संचरण कर सकती है। दूसरा कान बंद करना आवश्यक है — इससे वायु से आने वाली क्षीण ध्वनि कट जाती है और आप केवल डेस्क से आई ध्वनि का ही आकलन करते हैं।

क्या आप जानते हैं? ठोसों में ध्वनि वायु की तुलना में लगभग 15 – 20 गुना तेज़ चलती है। इसीलिए रेल की पटरी आती हुई रेलगाड़ी की ध्वनि वायु से बहुत पहले पहुँचा देती है, और इसीलिए पृष्ठ 198 के प्रश्न 11 में 340 m लंबी स्टील की बाड़ पर दोनों पथों के बीच लगभग 0.93 s का अंतर मिलता है।
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