प्र1.
क्रियाकलाप 10.1 को पहले एक बार मोटे रबड़ बैंड के साथ इसके पश्चात पतले रबड़ बैंड के साथ दोहराइए। क्या पतला रबड़ बैंड मोटे रबड़ बैंड की तुलना में अधिक तीव्र कंपन करता है? यदि हाँ, तब पतले रबड़ बैंड द्वारा उत्पन्न ध्वनि की आवृत्ति और आवर्तकाल मोटे रबड़ बैंड द्वारा उत्पन्न ध्वनि की आवृत्ति एवं आवर्तकाल से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
उत्तर
हाँ — समान लंबाई और समान तनाव पर पतला बैंड मोटे बैंड की तुलना में अधिक तीव्र कंपन करता है।
| बैंड | कंपन की दर | आवृत्ति ν | आवर्तकाल T = 1/ν | सुनाई देने वाली ध्वनि |
|---|---|---|---|---|
| पतला बैंड | अधिक तीव्र | अधिक | कम | तीक्ष्ण — उच्च तारत्व |
| मोटा बैंड | कम तीव्र | कम | अधिक | गंभीर — कम तारत्व |
ν = 1/T (समीकरण 10.1)
यदि पतला बैंड 1 s में 400 दोलन पूरे करे, तो ν = 400 Hz और T = 1/400 s = 0.0025 s
यदि मोटा बैंड 1 s में 200 दोलन पूरे करे, तो ν = 200 Hz और T = 1/200 s = 0.005 s
यदि पतला बैंड 1 s में 400 दोलन पूरे करे, तो ν = 400 Hz और T = 1/400 s = 0.0025 s
यदि मोटा बैंड 1 s में 200 दोलन पूरे करे, तो ν = 200 Hz और T = 1/200 s = 0.005 s
मोटाई से अंतर क्यों पड़ता है: मोटे बैंड की प्रत्येक सेंटीमीटर लंबाई पर अधिक द्रव्यमान होता है। वही प्रत्यानयन बल अब अधिक द्रव्यमान को त्वरित करता है, अतः बैंड आगे-पीछे लौटने में अधिक समय लेता है — प्रत्येक पूर्ण दोलन लंबा हो जाता है। अधिक आवर्तकाल का अर्थ है कम आवृत्ति, क्योंकि ν और T परस्पर व्युत्क्रम हैं।
क्या आप जानते हैं? इसीलिए सितार या वीणा में अलग-अलग मोटाई के तार साथ-साथ लगे होते हैं: मोटे तार निम्न स्वर देते हैं और पतले तार उच्च स्वर, वह भी लगभग समान तनाव पर।