कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 11 सोचिए और बताइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
यौन क्रिया के समय यौन संचरित संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए किन सुरक्षात्मक साधनों का उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर

अवरोधक साधन — कंडोम और योनि आवरण। गर्भनिरोधक विधियों में केवल यही ऐसी हैं जो यौन संचारित संक्रमणों से भी बचाव करती हैं।

अवरोध संक्रमण रोक देता है और गोली क्यों नहीं: सुजाक, सिफिलिस, हर्पीज, जननिक मस्से और एच.आई.वी. के कारक जीव शरीर द्रवों में रहते हैं और निकट शारीरिक संपर्क के समय एक व्यक्ति से दूसरे में जाते हैं। कंडोम दोनों व्यक्तियों के बीच एक भौतिक परत है, अतः वे द्रव आदान-प्रदान नहीं होते और जीवों के लिए कोई मार्ग नहीं बचता। गोली एक व्यक्ति के शरीर के भीतर हार्मोन का स्तर बदलती है; द्रवों के आदान-प्रदान पर उसका कोई प्रभाव नहीं, अतः वह संचरण रोक ही नहीं सकती।

अध्याय संबंधित संक्रमणों के नाम भी देता है — सुजाक, हर्पीज, सिफिलिस, जननिक मस्से और एच.आई.वी. (जिससे अंततः एड्स हो सकता है)। वह यह भी कहता है कि इनमें से कुछ का उपचार अभी उपलब्ध नहीं है — और यही कारण है कि यहाँ उपचार से कहीं अधिक महत्त्व रोकथाम का है।

संकेत: अवरोध जोखिम बहुत घटा देता है, शून्य नहीं करता। कुछ संक्रमण उस त्वचा से भी फैल सकते हैं जो ढकी नहीं है। पूरा उत्तर यह है — अवरोधक साधन का उपयोग कीजिए, असुरक्षित संपर्क से बचिए, और तनिक भी संदेह हो तो शीघ्र चिकित्सक से मिलिए, क्योंकि कई यौन संचारित संक्रमण शीघ्र उपचार से ठीक हो जाते हैं और देर होने पर कहीं कठिन हो जाते हैं।
प्र2.
यदि कोई दंपत्ति (युगल) मुँह से ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग करता है किंतु कंडोम का नहीं तो कौन-से जोखिम बने रहते हैं और क्यों?
उत्तर

यौन संचारित हर संक्रमण का जोखिम पूरी तरह बना रहता है। गोली गर्भावस्था से बचाती है, संक्रमण से नहीं।

जोखिमकेवल गोली सेकारण
गर्भावस्थाबहुत हद तक रुक जाती हैगोली हार्मोन का स्तर बदलकर अंडाणु के मोचन को प्रभावित करती है — अंडाणु ही मुक्त न हो तो निषेचन हो ही नहीं सकता
सुजाक, सिफिलिस, हर्पीज, जननिक मस्से, एच.आई.वी.तनिक भी नहीं घटतेये संपर्क के समय शरीर द्रवों से जाते हैं। गोली शरीर के हार्मोन तंत्र पर काम करती है और दोनों व्यक्तियों के बीच कुछ भी नहीं रखती
दुष्प्रभावरहते हैंअध्याय बताता है कि हार्मोन वाली गोलियों के कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं
यह अंतर स्पष्ट रखना क्यों आवश्यक है: गर्भनिरोधक की परख एक ही बात से होती है — क्या वह शुक्राणु को अंडाणु से मिलने से रोकता है। ऐसा करने के तीन भिन्न ढंग हैं: अवरोध (कंडोम, योनि आवरण) जो शुक्राणु को भौतिक रूप से रोकता है; हार्मोन वाली विधि (गोली) जो अंडाणु का मोचन रोकती है; और युक्ति या शल्य विधि (कॉपर-T, अथवा शुक्रवाहिनी या डिंबवाहिनी का अवरोध)। इनमें से केवल पहली ही संक्रमण का मार्ग भी रोकती है, क्योंकि केवल वही बीच में कुछ रखकर काम करती है।
संकेत: इसीलिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता सलाह देते हैं कि जब गर्भावस्था और संक्रमण दोनों से बचाव चाहिए तब किसी अन्य विधि के साथ-साथ कंडोम का भी उपयोग किया जाए। अध्याय में वर्णित भारत की आशा कार्यकर्ता ठीक इन्हीं विकल्पों पर परामर्श देती हैं।
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