कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 11 जनन — जीवन की निरंतरता के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-08

इस अध्याय के बारे में

अलैंगिक जनन में एक ही जनक होता है और समसूत्री विभाजन होता है, अतः संतति आनुवंशिक रूप से समरूप क्लोन होती है — यीस्ट और हाइड्रा में मुकुलन, कवकों में बीजाणु निर्माण और पादपों में कायिक प्रवर्धन (कर्तन, कलम बाँधना, परतन, ऊतक संवर्धन)। लैंगिक जनन में दो जनक होते हैं। अर्धसूत्री विभाजन गुणसूत्रों की संख्या आधी कर देता है (मनुष्य में 46 → 23) और निषेचन उसे पुनः पूरा कर देता है, अतः पीढ़ी-दर-पीढ़ी संख्या स्थिर बनी रहती है। प्रत्येक जोड़े के गुणसूत्र एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं, इसलिए n जोड़ों से 2 n प्रकार के युग्मक बनते हैं — क्रियाकलाप 11.4 के तीन जोड़ी मनकों से 8, और मनुष्य में 2 23 = 8,388,608। विभिन्नता का स्रोत यही है। पुष्प में पुंकेसर (तंतु + परागकोश) परागकण बनाता है और स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र + वर्तिका + अंडाशय) में बीजांड होते हैं। परागण परागकण को परागकोश से वर्तिकाग्र तक

  1. चिंतन कीजिए
  2. क्रियाकलाप 11.1
  3. क्रियाकलाप 11.2
  4. पाठ्य प्रश्न
  5. क्रियाकलाप 11.3
  6. पाठ्य प्रश्न
  7. विज्ञान एवं समाज
  8. पाठ्य प्रश्न
  9. क्रियाकलाप 11.4
  10. पाठ्य प्रश्न
  11. क्रियाकलाप 11.5
  12. पाठ्य प्रश्न
  13. क्रियाकलाप 11.6
  14. पाठ्य प्रश्न
  15. पाठ्य प्रश्न
  16. क्रियाकलाप 11.7
  17. सोचिए और बताइए
  18. सोचिए और बताइए
  19. जिज्ञासा-सूत्र
  20. सोचिए और बताइए
  21. सोचिए और बताइए
  22. सोचिए और बताइए
  23. अभ्यास प्रश्न
  24. परियोजना कार्य
  25. खोज जारी है…
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