प्र1.
विद्यालय की प्रयोगशाला में उपलब्ध जीवाणु और नील-हरित शैवालों की स्थायी स्लाइडों का सूक्ष्मदर्शी द्वारा अवलोकन कीजिए।
उत्तर
स्लाइड को मंच पर रखिए, पहले निम्न शक्ति (10×) पर पदार्थ खोजिए, फिर उच्च शक्ति (45×) पर और यदि आपके सूक्ष्मदर्शी में हो तो तेल-निमज्जन लेंस (100×) पर लाइए — जीवाणु केवल कुछ माइक्रोमीटर के होते हैं और निम्न शक्ति पर धुँधले ही रहते हैं।
आपको क्या दिखना चाहिए —
- जीवाणु — अत्यंत छोटे, अभिरंजित बिंदु, दंड या सर्पिल। इनके भीतर कुछ भी स्पष्ट नहीं दिखता: न केंद्रक, न हरितलवक, न कोई कोशिकांग। प्रायः ये शृंखलाओं या गुच्छों में मिलते हैं।
- नील-हरित शैवाल — स्पष्ट रूप से बड़े, नीले-हरे, प्रायः कोशिकाओं के सिरे से सिरे तक जुड़े अशाखित तंतुओं के रूप में (जैसे नॉस्टॉक, ऑसिलेटोरिया)। रंग पूरी कोशिका में फैला होता है, हरितलवक में बंद नहीं।
संकेत: सूक्ष्म समायोजन का उपयोग केवल उच्च शक्ति पर कीजिए और डायाफ्राम से प्रकाश घटाइए — अनभिरंजित पूर्वकेंद्रकी जीव लगभग पारदर्शी होते हैं और तीव्र प्रकाश की अपेक्षा मंद, विभेदयुक्त प्रकाश में कहीं अधिक सरलता से दिखते हैं।