प्र1.
घास फाण्ट (सूखी घास का घोल) बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन कीजिए — 1. उद्यान की घास कटने के पश्चात उसके छोटे प्रतिदर्श इकट्ठा कीजिए, अथवा भूसा या चारा लीजिए। 2. एक छोटी काँच की बोतल लीजिए और उसका एक-चौथाई भाग घास, भूसे या चारे से भरिए। 3. बोतल को रुद्ध जल या तालाब के जल से भरिए और उसमें एकत्रित पादप सामग्री मिला दीजिए। 4. बोतल को मलमल के कपड़े से ढककर धागे से बाँध दीजिए। 5. बोतल को बिना छेड़े एक सप्ताह तक एक तरफ रख दीजिए। 6. मलमल के कपड़े को हटाकर बोतल का मुँह बस इतना खोलिए कि उसमें बिंदुपाती (dropper) डाला जा सके, और बिंदुपाती की सहायता से सावधानीपूर्वक जल की एक बूँद लीजिए। 7. जल की इस बूँद को एक स्वच्छ स्लाइड पर रखिए और सूक्ष्मदर्शी की सहायता से उसका अवलोकन कीजिए।
उत्तर
सातों चरणों का ठीक-ठीक पालन कीजिए। महत्त्वपूर्ण यह समझना है कि हर चरण क्यों है — यह क्रियाकलाप गंदे जल का जार नहीं, एक छोटा सुनियोजित प्रयोग है।
| चरण | यह किसलिए है |
|---|---|
| घास, भूसा या चारा | मृत कार्बनिक पदार्थ देता है — वह भोजन जिस पर पहले जीवाणु बढ़ेंगे |
| रुद्ध जल या तालाब का जल | आरंभिक प्रोटिस्ट देता है; स्वच्छ नल के जल से लगभग कुछ नहीं मिलेगा |
| मलमल का कपड़ा, बाँधकर | वायु (ऑक्सीजन) भीतर आने देता है परंतु कीट और धूल रोकता है |
| एक सप्ताह बिना छेड़े | जनसंख्या बढ़ने का समय। सड़ती घास पर पहले जीवाणु बढ़ते हैं, फिर उन्हें खाने वाले प्रोटिस्ट |
| स्वच्छ स्लाइड पर एक बूँद | पतली परत — मोटा जल फोकस नहीं होता और जीव दृष्टि-तल से बाहर तैर जाते हैं |
सावधानी — पुस्तक का सुरक्षा निर्देश मानिए। घास के घोल से दुर्गंध आ सकती है। लैब कोट, मास्क और दस्ताने पहनिए, और सूखी घास के घोल को ऑटोक्लेव करने के पश्चात ही फेंकिए। ऑटोक्लेव करने से उसमें उपस्थित सभी जीव नष्ट हो जाते हैं।
संकेत: बूँद सतह के पास से और तैरती झाग के किनारे से लीजिए, बीच के स्वच्छ भाग से नहीं — प्रोटिस्ट वहीं सघन होते हैं। हवा के बुलबुले से बचने के लिए कवर स्लिप को तिरछा करके रखिए।