प्र1.
सूरजमुखी के तने की अनुप्रस्थ काट का स्मरण कीजिए जिसका अध्ययन आपने अध्याय 3 में किया है (चित्र 3.7)।
उत्तर
सूरजमुखी एक द्विबीजपत्री एंजियोस्पर्म है — इस अध्याय का सबसे उन्नत पादप समूह। अध्याय 3 के अनुसार उसके तने की अनुप्रस्थ काट इस प्रकार व्यवस्थित होती है —
- सबसे बाहर उपत्वचा सहित बाह्यत्वचा।
- उसके नीचे वल्कुट का क्षेत्र।
- संवहन पूल एक वलय में, समान दूरी पर, प्रत्येक पूल में जाइलम भीतर की ओर और फ्लोएम बाहर की ओर।
- प्रत्येक पूल में जाइलम और फ्लोएम के बीच एधा (कैंबियम) की पट्टी — विभाजित होती कोशिकाओं का स्तर।
- बीच में बड़ा मज्जा।
संकेत: दो बातें मन में बैठा लीजिए — पूलों का वलय में होना, और एधा का उपस्थित होना। तुलना का सारा बिंदु अब इन्हीं दो पर टिकेगा।