कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 2 परियोजना कार्य के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
कोशिका विभाजन के एनिमेशन अथवा अनुरूपण (simulation) बनाने के लिए चयनित सॉफ्टवेयर या डिजिटल उपकरणों का उपयोग कीजिए और उन्हें कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर

एनिमेशन को गुणसूत्रों के चारों ओर बनाइए, क्योंकि एक अवस्था से दूसरी में वास्तव में केवल वही बदलते हैं।

  1. उपकरण चुनिए। विद्यालय के कंप्यूटर या फोन पर चलने वाले निःशुल्क विकल्प — स्क्रैच (खींचकर जोड़ने वाला, आरंभ करने वालों के लिए अच्छा), 3D के लिए टिंकरकैड या ब्लेंडर, सरल क्रम के लिए कैनवा या गूगल स्लाइड्स का एनिमेशन फीचर, अथवा मिट्टी के प्रतिरूपों की तस्वीरें लेकर स्टॉप-मोशन ऐप।
  2. पहले कागज पर स्टोरीबोर्ड बनाइए। समसूत्री विभाजन के लिए छह फ्रेम — (1) केंद्रक और फैले क्रोमेटिन वाली कोशिका; (2) क्रोमेटिन संघनित होकर छड़ाकार गुणसूत्र, केंद्रक झिल्ली लुप्त; (3) गुणसूत्र मध्य में पंक्तिबद्ध; (4) गुणसूत्र विपरीत सिरों की ओर खिंचे; (5) दो नए केंद्रक बनते; (6) दो समान संतति कोशिकाएँ।
  3. अर्धसूत्री विभाजन के लिए नौ फ्रेम लीजिए और गुणसूत्र युग्मों को भिन्न रंग दीजिए — एक माता का, एक पिता का। पहले विभाजन में संख्या आधी होते दिखाइए, फिर दूसरा, समसूत्री जैसा विभाजन जिससे चार कोशिकाएँ बनें।
  4. नामांकन और गिनती। हर फ्रेम में गुणसूत्र संख्या स्क्रीन पर लिखिए (समसूत्री के लिए 46 → 46, 46; अर्धसूत्री के लिए 46 → 23, 23 → 23 वाली चार कोशिकाएँ)। अधिकांश एनिमेशन यहीं चूक जाते हैं।
  5. 20 सेकंड की टिप्पणी जोड़िए और कक्षा में साझा कीजिए। बाद में सहपाठियों से एक प्रश्न पूछिए, जैसे “किस फ्रेम पर गुणसूत्र संख्या बदली?”
सुझाव: दोनों एनिमेशन एक ही लंबाई और एक ही रंग-योजना में रखिए और साथ-साथ चलाइए। एकमात्र दृश्य अंतर — एक विभाजन बनाम दो, और संख्या का आधा होना — वही आपके दर्शकों को याद रहना चाहिए।
प्र2.
कम लागत वाली पर्यावरण के प्रति अनुकूल सामग्री का उपयोग करके किसी भी प्रकार की ‘संश्लेषित कोशिका’ (synthetic cell) का प्रतिरूप बनाइए।
उत्तर

‘संश्लेषित कोशिका’ का प्रतिरूप तभी अच्छा बनता है जब चुनी गई हर सामग्री उस भाग के विषय में कुछ सच कहे जिसका वह प्रतिनिधित्व करती है।

कोशिका का भागकम लागत, पर्यावरण-अनुकूल सामग्रीयह सामग्री क्यों उपयुक्त है
कोशिका झिल्लीकेले के तने की पतली पारदर्शी परत, या सेलोफेन/अगार की परतपतली और कुछ पदार्थों को जाने देने वाली — वरणात्मक पारगम्य
कोशिका भित्ति (पादप प्रतिरूप)बाहर की ओर गत्ते या सूखे बाँस का ढाँचादृढ़ पर छिद्रों वाला — पूर्णतः पारगम्य
कोशिकाद्रव्यजमी हुई अगार-अगार, साबूदाने की खीर या पतली मिट्टी का घोल एक उथले डिब्बे मेंअर्धतरल और जेली जैसा
केंद्रकसाबुत अखरोट, या मिट्टी का गोला जिसके भीतर ऊन का ‘क्रोमेटिन’ होसघन, गोल, और ऐसा आवरण जिसमें छिद्र हों — केंद्रक छिद्र
माइटोकॉन्ड्रियाभूरे कागज की नली जिसके भीतर मुड़ी हुई कागज की पट्टी डाली होवलन अंतःकटक दिखाते हैं जो सतह क्षेत्रफल बढ़ाते हैं
हरितलवकहरी पत्ती के टुकड़े या हरे रंगे बीज-कोषछड़ाकार और हरे
जालिका और गॉल्जीपुराने अखबार की मुड़ी और एक पर एक रखी पट्टियाँ; राइबोसोम के लिए चावल के दाने चिपकाइएचादरें और ढेरियाँ; रूक्ष जालिका पर राइबोसोम
रसधानीजल भरी पॉलिथीन की थैली या नारियल की खोपड़ीतरल से भरी एक बड़ी थैली

प्रत्येक भाग पर कागज की झंडी लगाकर उसका नाम और कार्य लिखिए। फिर एक अतिरिक्त कार्ड जोड़िए जिसमें अध्याय की बात हो — वर्ष 2010 में जे. क्रेग वेंटर के दल ने माइकोप्लाज्मा माइकोइड्स के संपूर्ण डीएनए की रासायनिक प्रति संश्लेषित की और उसे एक अन्य जीवाणु में डाला जिसका अपना डीएनए निकाल दिया गया था। कोशिका नए अनुदेशों के अनुसार वृद्धि करने और विभाजित होने लगी — जिससे सिद्ध हुआ कि डीएनए कोशिका की संरचना और गतिविधियों को नियंत्रित करता है। किंतु केवल डीएनए संश्लिष्ट था; कोशिका के शेष भाग एक जीवित कोशिका से लिए गए थे।

सुझाव: थर्मोकोल और प्लास्टिक की बोतलों से बचिए। सूखी पत्तियाँ, नारियल की खोपड़ी, मिट्टी, गत्ता, जूट और पुराना अखबार उपयोग कीजिए — तब प्रतिरूप जीव विज्ञान के साथ-साथ संधारणीयता का पाठ भी पढ़ा देगा।
प्र3.
अपने सहपाठियों के साथ विज्ञान परियोजना या प्रदर्शनी के लिए समसूत्री अथवा अर्धसूत्री विभाजन का प्रतिरूप बनाइए। इस क्रियाकलाप की सफलता में सामूहिक कार्य ने किस प्रकार योगदान दिया? क्या इस क्रियाकलाप ने कोशिका विभाजन के संबंध में आपके दृष्टिकोण अथवा समझ में कोई परिवर्तन किया? यदि हाँ, तो किस प्रकार?
उत्तर

इसे कैसे बनाएँ। गुणसूत्रों के लिए रंगीन पाइप क्लीनर, ऊन के धागे या मिट्टी की रस्सियाँ लीजिए, और कोशिकाओं के लिए मोटे कागज या उथली ट्रे। प्रत्येक गुणसूत्र को एक बिंदु पर जुड़ी दो समान भुजाओं के रूप में बनाइए, और माता-पिता के गुणसूत्रों के लिए दो रंग रखिए ताकि अर्धसूत्री और समसूत्री विभाजन एक ही दृष्टि में अलग दिखें। अवस्थाओं को बाईं से दाईं ओर एक बोर्ड पर सजाइए, प्रत्येक के नीचे शीर्षक और गुणसूत्र संख्या लिखिए।

नमूना उत्तर — सामूहिक कार्य पर

हमारे चार लोगों के समूह ने काम बाँटा — दो ने गुणसूत्र और कोशिकाएँ बनाईं, एक ने शीर्षक लिखे और हर अवस्था में गुणसूत्र संख्या जाँची, और एक ने प्रस्तुति दी। कार्य का यह विभाजन अपेक्षा से अधिक महत्त्वपूर्ण निकला। अर्धसूत्री प्रतिरूप बनाते समय शीर्षक लिखने वाले साथी ने ध्यान दिलाया कि हमने चार संतति कोशिकाएँ तो बनाईं पर हर एक में पूरी गुणसूत्र संख्या रख दी थी। कोई बनाने के बजाय जाँच रहा था, इसीलिए यह भूल प्रदर्शनी से पहले पकड़ी गई। प्रतिरूप को दर्शकों के सामने बोलकर समझाने से भी हममें से हर एक को केवल अपनी बनाई अवस्था नहीं, पूरी प्रक्रिया समझनी पड़ी।

नमूना उत्तर — समझ में परिवर्तन पर

हाँ। प्रतिरूप बनाने से पहले मैं समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन को रटने लायक दो सूचियाँ समझता था। गुणसूत्रों को हाथ में लेकर यह बदल गया। मुझे दिखा कि पूरा समसूत्री विभाजन इसीलिए है कि हर संतति कोशिका को एक पूरी प्रति मिले, और पूरा अर्धसूत्री विभाजन इसीलिए कि निषेचन में दो युग्मक मिलने से पहले संख्या आधी हो जाए। मुझे पहली बार यह भी समझ आया कि गुणसूत्र केवल विभाजन से ठीक पहले क्यों दिखते हैं — जब हमने ऊन के ढीले धागे हिलाने की कोशिश की तो वे तुरंत उलझ गए, और उन्हें छोटी मोटी रस्सियों में बटने के बाद ही बिना टूटे हिलाया जा सका। क्रोमेटिन के गुणसूत्रों में संघनित होने से ठीक यही सधता है।

ऐसा क्यों होता है: प्रतिरूप हर चरण पर वह निर्णय करवाता है जिसे चित्र टाल देता है। कोई चित्र इस विषय में अस्पष्ट रह सकता है कि संतति कोशिका में कितने गुणसूत्र हैं; भौतिक प्रतिरूप नहीं रह सकता, क्योंकि हर ट्रे में एक निश्चित संख्या में धागे रखने ही पड़ते हैं। इसीलिए प्रतिरूप बनाते समय प्रायः वह भ्रांति उजागर हो जाती है जो पढ़ने से नहीं हुई थी।
प्र4.
विभिन्न कोशिकांगों के कार्यों के विषय में सामुदायिक जागरूकता के लिए सरल संवादों में एक नुक्कड़ नाटक तैयार कीजिए।
उत्तर

हर कोशिकांग को किसी कारखाने के कर्मचारी या गाँव के निवासी के रूप में रखिए, और कथानक यह हो कि उनमें से एक के काम रोक देने पर क्या होता है।

पात्रनाटक में भूमिकाकहने योग्य संवाद
केंद्रकसरपंच / प्रबंधक“इस गाँव का हर आदेश मेरे रजिस्टर — डीएनए — में लिखा है।”
कोशिका झिल्लीद्वारपाल“जल जा सकता है। नमक और चीनी, पीछे हटिए — भीतर कौन आएगा, यह मैं तय करूँगी।”
कोशिका भित्तिचारदीवारी“मैं दृढ़ हूँ, पर कुछ छिपाती नहीं — सब कुछ मेरे आर-पार जाता है।”
माइटोकॉन्ड्रियाबिजलीघर“मुझसे एटीपी न मिले तो पूरा गाँव अँधेरे में।”
हरितलवकरसोई“धूप दीजिए, मैं सबके लिए भोजन पका दूँगा।”
राइबोसोमबुनकर“संदेश भेजिए, मैं प्रोटीन बुन दूँगा।”
गॉल्जी उपकरणडाकघर“पैक कीजिए, लेबल लगाइए, पता लिखिए — तभी सामान पहुँचेगा।”
लाइसोसोमसफाई कर्मचारी“टूटा-फूटा और बेकार मुझे दीजिए। यहाँ कुछ भी व्यर्थ नहीं जाता।”
रसधानीगाँव की पानी की टंकी“जब तक मैं भरी हूँ, पौधा तनकर खड़ा है।”

तीन दृश्यों का सरल कथानक (लगभग 8 मिनट) —

  1. एक साधारण दिन। हर पात्र एक पंक्ति में अपना परिचय देता है और गाँव का काम सुचारु चलता है।
  2. संकट। लाइसोसोम बीमार पड़ जाता है और अपशिष्ट हटाना बंद कर देता है। कचरा जमा होता है, राइबोसोम को जगह नहीं मिलती, माइटोकॉन्ड्रिया घुटने लगता है और काम ठप हो जाता है। अथवा माइटोकॉन्ड्रिया हड़ताल कर दे और एटीपी के अभाव में सब कुछ रुक जाए।
  3. सीख। केंद्रक समझाता है कि गाँव किसी एक कर्मचारी से नहीं चलता — कोशिका एक समन्वित प्रणाली है और हर भाग शेष सब पर निर्भर है। अंत में एक पंक्ति दोहराइए जिसे दर्शक भी दोहरा सकें — “हर काम का एक कर्मचारी — यही है कोशिका की तैयारी।
सुझाव: वाक्य छोटे रखिए, हर पात्र के हाथ में एक प्रतीक दीजिए (केंद्रक के पास रजिस्टर, लाइसोसोम के पास झाड़ू, माइटोकॉन्ड्रिया के पास लालटेन), और दर्शकों की ओर मुँह करके बोलिए। नुक्कड़ नाटक में संदेश को सड़क के शोर से भी जीतना होता है, इसलिए मुख्य पंक्ति आरंभ और अंत दोनों में दोहराइए।
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