प्र1.
चित्र 4.5 में दर्शाए अनुसार किसी गेंद को बिंदु ‘O’ से ऊर्ध्वाधरत: ऊपर की ओर फेंका गया है। यह ऊपर की ओर चलती हुई बिंदु ‘B’ तक जाती है और वहाँ से गिर कर वापस बिंदु O पर लौट आती है। क्या इस गेंद की गति को सरल रेखा में गति माना जा सकता है?
उत्तर
हाँ। पूरी यात्रा — O से B तक ऊपर और B से O तक नीचे — एक ही ऊर्ध्वाधर सरल रेखा पर होती है।
ऐसा क्यों होता है: सरल रेखा में गति का अर्थ यह नहीं कि वस्तु एक ही ओर चलती रहे। इसका अर्थ केवल इतना है कि उसका पथ सरल रेखा हो। यहाँ गेंद नीचे आते समय ठीक उसी रेखा पर लौटती है; चित्र 4.5 में ऊपर और नीचे की गतियों को दो अलग बिंदुदार रेखाओं से केवल इसलिए दिखाया गया है ताकि A, B और C पृष्ठ पर एक-दूसरे पर न पड़ें। वास्तव में दोनों रेखाएँ एक ही हैं।
स्वयं जाँचिए: गेंद B पर पलटती अवश्य है, इसलिए यहाँ चलित दूरी और विस्थापन का परिमाण अलग हो जाएँगे — तालिका 4.1 इसी को दिखाने के लिए बनी है।