हाँ, यह सरल रेखीय गति है। चित्र 4.6 का अभिनत पथ स्वयं एक सरल रेखा है (भले ही ढलवाँ), और गेंद पूरे समय उसी पर बनी रहती है — अत: पथ सरल रेखा है।
हाँ, इसे चित्र 4.3 जैसी रेखा पर दर्शाया जा सकता है। गति एकविमीय है — O से पथ के अनुदिश एक ही संख्या गेंद की स्थिति पूरी तरह तय कर देती है। उस संख्या-रेखा को कागज़ पर क्षैतिज खींचना केवल सुविधा है — वह रेखा वास्तव में अभिनत पथ को ही निरूपित करती है, और उस पर धनात्मक दिशा "O से D की ओर ढलान के अनुदिश" है, न कि "क्षैतिजत: दाईं ओर"।
चित्र 4.6 के अंकनों को पथ के अनुदिश पढ़िए — OA = 40 cm, AB = 10 cm, BC = 20 cm, CD = 30 cm। अत: O से मापी गई स्थितियाँ —
अत: A, B, C और D — प्रत्येक पर दोनों मान बराबर हैं।
ऐसा क्यों होता है: गेंद अभिनत पथ पर केवल एक ही दिशा में नीचे लुढ़कती है, कभी ऊपर वापस नहीं आती। पलटाव न होने से पथ स्वयं ही दोनों स्थितियों को मिलाने वाली सरल रेखा है, इसलिए उसकी लंबाई सीधी दूरी के बराबर है। हाँ, विस्थापन की दिशा अभिनत पथ के अनुदिश — ढलान से नीचे की ओर — है, क्षैतिज नहीं।