कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 4 अपने परिवेश में गति का वर्णन के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-08

इस अध्याय के बारे में

किसी क्षण पर संदर्भ बिंदु से वस्तु की दूरी और दिशा मिलकर उसकी स्थिति बताती हैं। यदि यह स्थिति समय के साथ बदलती है तो वस्तु गतिमान है, अन्यथा विरामावस्था में। कुल चलित दूरी पूरे पथ की लंबाई है; विस्थापन केवल स्थिति में सकल परिवर्तन है और इसके लिए परिमाण के साथ दिशा भी बतानी पड़ती है। विस्थापन का परिमाण सदैव कुल चलित दूरी से कम या उसके बराबर होता है। माध्य चाल = कुल चलित दूरी ÷ समय अंतराल। माध्य वेग = विस्थापन ÷ समय अंतराल। दोनों का SI मात्रक m s⁻¹ है, किंतु दिशा केवल वेग के साथ जुड़ी होती है। माध्य त्वरण = वेग में परिवर्तन ÷ समय अंतराल, SI मात्रक m s⁻²। वेग का परिमाण बढ़ने पर यह वेग की दिशा में और घटने पर वेग के विपरीत दिशा में होता है। स्थिति-समय ग्राफ की प्रवणता वेग देती है — सरल रेखा का अर्थ नियत वेग, वक्र का अर्थ त्वरित गति। वेग-समय ग्राफ की प्रवणता त्वरण देती है और रेखा तथा समय-अक्ष के

  1. चिंतन कीजिए
  2. पाठ्य प्रश्न
  3. क्रियाकलाप 4.1
  4. सोचिए और बताइए
  5. सोचिए और बताइए
  6. क्रियाकलाप 4.2
  7. क्रियाकलाप 4.3
  8. पाठ्य प्रश्न
  9. क्रियाकलाप 4.4
  10. पाठ्य प्रश्न
  11. विज्ञान एवं समाज
  12. पाठ्य प्रश्न
  13. क्रियाकलाप 4.5
  14. अभ्यास प्रश्न
  15. परियोजना कार्य
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