प्र1.
इसे कुछ समय के लिए छोड़ दीजिए। आप क्या देखते हैं?
उत्तर
काँच की प्लेट पर रखी संतृप्त कॉपर सल्फेट विलयन की बूँद से जल वाष्पित हो जाता है और प्लेट पर कॉपर सल्फेट के छोटे नीले क्रिस्टल शेष रह जाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: यहाँ विलयन ठंडा नहीं किया जा रहा — विलायक हटाया जा रहा है। जैसे-जैसे जल के अणु पृष्ठ से निकलते हैं, जल की मात्रा घटती जाती है जबकि कॉपर सल्फेट की मात्रा वही रहती है, अतः विलयन अपनी संतृप्तता पार कर जाता है और अतिरिक्त विलेय ठोस के रूप में पृथक हो जाता है। क्रिस्टल नीले इसलिए होते हैं क्योंकि कॉपर सल्फेट अपनी संरचना में जल लेकर क्रिस्टलित होता है।