प्र1.
पंकिल जल में निलंबित कण कुछ समय पश्चात तली पर बैठ जाते हैं परंतु दुग्ध में ऐसा नहीं होता है, क्यों?
उत्तर
क्योंकि इन दोनों मिश्रणों के कणों का आकार बहुत भिन्न है। पंकिल जल एक निलंबन है, जबकि दुग्ध एक कोलॉइड है।
पंक के कण — व्यास 1000 nm से अधिक
दुग्ध के कण (वसा तथा प्रोटीन) — व्यास 1 – 1000 nm
दुग्ध के कण (वसा तथा प्रोटीन) — व्यास 1 – 1000 nm
ऐसा क्यों होता है: द्रव के भीतर दो प्रभाव आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। गुरुत्व कण को नीचे खींचता है, जबकि जल के अणुओं की निरंतर अनियमित टक्करें उसे ऊपर उछालती रहती हैं। नीचे खींचने वाला बल कण के आयतन के साथ बढ़ता है (त्रिज्या के घन के अनुपात में), जबकि टक्करों का प्रभाव उसके पृष्ठ पर निर्भर करता है। इसलिए पंक का बड़ा कण टक्करों की तुलना में कहीं तीव्रता से नीचे खिंचता है और कुछ ही मिनटों में बैठ जाता है। दुग्ध का कण उससे हजार गुना छोटा है, अतः अणुओं की टक्करें ही उसे स्थायी रूप से परिक्षिप्त बनाए रखती हैं। दुग्ध में उपस्थित प्रोटीन प्रत्येक वसा-गोलिका को ढककर उन्हें आपस में जुड़कर बड़ी और भारी बनने से भी रोकते हैं।
स्वयं जाँचिए: पंकिल जल और दुग्ध के गिलास रात भर पास-पास स्थिर रखिए। पंक तली पर एक स्पष्ट परत बना लेता है, जबकि दुग्ध एकसमान बना रहता है। यही एक अवलोकन एक को निलंबन और दूसरे को कोलॉइड कहने के लिए पर्याप्त है।