कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
तेल और जल का मिश्रण समांगी है अथवा विषमांगी?
उत्तर

विषमांगी। तेल और जल अमिश्रणीय हैं — वे आपस में मिलते ही नहीं, और कितना भी विलोडित कीजिए, कुछ ही समय में स्पष्ट सीमा के साथ दो पृथक परतों में बँट जाते हैं।

ऐसा क्यों होता है: समांगी मिश्रण का संघटन प्रत्येक भाग में एकसमान होना चाहिए। तेल-जल मिश्रण के ऊपरी भाग से एक बूँद लीजिए तो तेल मिलेगा और तली से लीजिए तो जल। संघटन सर्वत्र एकसमान नहीं है, अतः मिश्रण विषमांगी है। कणों के स्तर पर देखें तो जल के अणु परस्पर प्रबलता से आकर्षित होते हैं और तेल के अणु इस आकर्षण में सम्मिलित नहीं हो पाते, इसलिए दोनों प्रकार के अणु एक-दूसरे में फैलने के बजाय अलग-अलग रह जाते हैं।
प्र2.
क्या आप कुछ अन्य विषमांगी मिश्रणों के उदाहरणों पर विचार कर सकते हैं?
उत्तर

हाँ — ऐसा प्रत्येक मिश्रण विषमांगी है जिसमें आप एक से अधिक भाग की ओर संकेत कर सकें।

  • द्रव में ठोस: जल में रेत, जल में चॉक का चूर्ण, पंकिल जल, जल में चाय की पत्तियाँ।
  • द्रव में द्रव: सरसों का तेल और जल, किरोसिन और जल।
  • ठोस में ठोस: लोहे की छीलन और गंधक, रेत और साधारण नमक, मिली-जुली दालें।
  • गैस में ठोस अथवा द्रव: धुआँ (वायु में ठोस कण), कोहरा तथा बादल (वायु में जल की बूँदें), वायु में धूल।
संकेत: पीतल और काँसा जैसी मिश्रधातुएँ देखने में ठोस-ठोस मिश्रण लगती हैं, परंतु वे समांगी होती हैं — धातुओं को पिघलाकर मिलाया गया है, इसलिए वे परमाणुओं के स्तर तक मिश्रित हैं।
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