प्र1.
तेल और जल का मिश्रण समांगी है अथवा विषमांगी?
उत्तर
विषमांगी। तेल और जल अमिश्रणीय हैं — वे आपस में मिलते ही नहीं, और कितना भी विलोडित कीजिए, कुछ ही समय में स्पष्ट सीमा के साथ दो पृथक परतों में बँट जाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: समांगी मिश्रण का संघटन प्रत्येक भाग में एकसमान होना चाहिए। तेल-जल मिश्रण के ऊपरी भाग से एक बूँद लीजिए तो तेल मिलेगा और तली से लीजिए तो जल। संघटन सर्वत्र एकसमान नहीं है, अतः मिश्रण विषमांगी है। कणों के स्तर पर देखें तो जल के अणु परस्पर प्रबलता से आकर्षित होते हैं और तेल के अणु इस आकर्षण में सम्मिलित नहीं हो पाते, इसलिए दोनों प्रकार के अणु एक-दूसरे में फैलने के बजाय अलग-अलग रह जाते हैं।