कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 7 क्रियाकलाप 7.2 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
गोलक को एक ओर क्षैतिज रेखा के ऊपर स्थिति बिंदु P तक ले जाकर छोड़िए। आरंभ के कुछ दोलनों में दोलन रेखा के चरम बिंदुओं (extreme points) पर इसका अवलोकन कीजिए। क्या गोलक लगभग क्षैतिज रेखा की ऊँचाई के स्तर तक पहुँच जाता है?
उत्तर

हाँ — आरंभ के कुछ दोलनों में गोलक दूसरी ओर लगभग क्षैतिज रेखा तक पहुँच जाता है, किंतु ठीक उस तक कभी नहीं पहुँचता, और प्रत्येक दोलन में थोड़ा और नीचे रह जाता है।

बिंदुनिम्नतम बिंदु से ऊँचाईस्थितिज ऊर्जागतिज ऊर्जायांत्रिक ऊर्जा
P (छोड़ने का बिंदु)hmgh0mgh
Q (निम्नतम बिंदु)00½mv2 = mghmgh
R (दूसरी ओर)h (लगभग)mgh0mgh
ऐसा क्यों होता है: डोरी अवितान्य है और उसमें उत्पन्न तनाव सदैव गोलक की गति के लंबवत रहता है, अतः डोरी कोई कार्य नहीं करती। कार्य केवल गुरुत्व करता है, जो स्थितिज ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में और फिर वापस बदलता रहता है। योग K + U — अर्थात यांत्रिक ऊर्जा — mgh पर स्थिर रहता है, इसलिए गोलक को उसी ऊँचाई h तक लौटना ही पड़ता है।
"लगभग" क्यों: वास्तविक जगत में निलंबन बिंदु पर घर्षण तथा वायु प्रतिरोध प्रत्येक दोलन में थोड़ा ऋणात्मक कार्य करते हैं। यह ऊर्जा ऊष्मा व ध्वनि बनकर निकल जाती है, इसलिए यांत्रिक ऊर्जा धीरे-धीरे घटती है, गोलक हर बार कुछ कम ऊँचाई तक जाता है और अंततः लोलक रुक जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ