कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 7 कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-08
इस अध्याय के बारे में
किसी नियत बल द्वारा किया गया कार्य = बल × बल की दिशा में विस्थापन, अर्थात W = F × s। इसका SI मात्रक जूल है — 1 J = 1 N × 1 m = 1 kg m 2 s –2 । कार्य शून्य होता है जब F = 0 हो, अथवा s = 0 हो, अथवा बल विस्थापन के लंबवत हो। जब विस्थापन बल की दिशा में हो तो कार्य धनात्मक तथा विपरीत दिशा में हो तो ऋणात्मक होता है। कार्य की कोई दिशा नहीं होती, केवल चिह्न होता है। परिवर्ती बल के लिए किया गया कार्य बल-विस्थापन ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल होता है। कार्य-ऊर्जा प्रमेय: किसी वस्तु (या निकाय) पर किया गया कार्य = उसकी ऊर्जा में परिवर्तन। यह तब भी लागू होता है जब बल नियत न हो, और इसी से अध्याय के शेष सभी सूत्र प्राप्त होते हैं। गतिज ऊर्जा K = ½mv 2 — गति के कारण ऊर्जा। पृथ्वी की सतह के निकट गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा U = mgh — स्थिति के कारण ऊर्जा। दोनों का मात्रक जूल है। यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण: केवल गुरु
अभ्यास
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- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
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- सोचिए और बताइए
- पाठ्य प्रश्न
- सोचिए और बताइए
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- सोचिए और बताइए
- क्रियाकलाप 7.2
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- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 7.3
- सोचिए और बताइए
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