कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
किंतु जब बल समय के साथ परिवर्तित हो या उनके कार्य करने की प्रक्रिया जटिल हो तो इन नियमों को लागू करना कठिन हो जाता है। क्या ऐसी स्थितियों को समझने का कोई अपेक्षाकृत अधिक सरल एवं सक्षम साधन उपलब्ध है?
उत्तर

हाँ — बल के स्थान पर ऊर्जा का हिसाब रखिए। कार्य-ऊर्जा प्रमेय केवल आरंभिक और अंतिम अवस्थाओं की तुलना करता है, अतः बल को प्रत्येक क्षण जानने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।

  • न्यूटन के नियमों के लिए प्रत्येक क्षण का बल चाहिए — F = ma से त्वरण, फिर शुद्धगतिक समीकरणों से v और s। यदि F बदलता रहे तो a भी बदलता रहेगा और शुद्धगतिक समीकरण लागू ही नहीं होंगे।
  • ऊर्जा की विधि में केवल दो संख्याएँ चाहिए — आरंभ की ऊर्जा और अंत की ऊर्जा। किया गया कार्य = ऊर्जा में परिवर्तन बल के नियत होने या न होने, दोनों स्थितियों में सत्य है।
यह क्यों उपयोगी है: उदाहरण 7.9 में ब्रेक फेल हुआ ट्रक रेत भरी बचाव ढलान पर चढ़ता है। रेत का बल, ढलान और गुरुत्व — सब एक साथ कार्य करते हैं, फिर भी "आरंभिक ऊर्जा + रेत द्वारा किया गया कार्य = अंतिम ऊर्जा" लिखने से ढलान की लंबाई तीन पंक्तियों में मिल जाती है। यही प्रश्न F = ma से हल करने में पूरा पृष्ठ लग जाता।
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