प्र1.
जब आप एक सपाट सड़क पर साइकिल पर सवार होकर साइकिल के पैडल पर बल लगाते हैं तो इस प्रक्रिया में आपकी माँसपेशियाँ ऊर्जा प्रदान करती हैं। आपकी माँसपेशियों द्वारा प्रदत्त ऊर्जा साइकिल सवारी में किस रूप में प्रकट होती है?
उत्तर
माँसपेशियों की रासायनिक ऊर्जा इन रूपों में प्रकट होती है—
- गतिज ऊर्जा — साइकिल तथा आपकी अपनी, जब तक चाल बढ़ रही हो। नियत चाल आ जाने पर यह बढ़ना रुक जाता है।
- तापीय ऊर्जा — सबसे बड़ा भाग। धुरी, चेन तथा टायर-सड़क संपर्क के घर्षण और वायु प्रतिरोध के विरुद्ध किया गया कार्य पुर्जों, सड़क और वायु को गर्म करता है।
- ध्वनि ऊर्जा — चेन, टायर और हवा की हल्की आवाज।
- शरीर के भीतर तापीय ऊर्जा — माँसपेशियाँ पूर्ण दक्ष नहीं होतीं, इसलिए शरीर गर्म होता है और पसीना आता है।
सपाट सड़क पर स्थितिज ऊर्जा में कोई वृद्धि नहीं होती (h नहीं बदलता)
नियत चाल पर गतिज ऊर्जा में भी वृद्धि नहीं होती
अतः माँसपेशियों द्वारा दी गई ऊर्जा = घर्षण व वायु प्रतिरोध के विरुद्ध किया गया कार्य
= तापीय ऊर्जा + थोड़ी ध्वनि ऊर्जा
नियत चाल पर गतिज ऊर्जा में भी वृद्धि नहीं होती
अतः माँसपेशियों द्वारा दी गई ऊर्जा = घर्षण व वायु प्रतिरोध के विरुद्ध किया गया कार्य
= तापीय ऊर्जा + थोड़ी ध्वनि ऊर्जा
ऐसा क्यों होता है: नियत चाल पर आप पर नेट बल शून्य होता है, अतः आपका आगे की ओर धक्का घर्षण और वायु प्रतिरोध को ठीक-ठीक संतुलित करता है। माँसपेशियों द्वारा दिया गया प्रत्येक जूल तुरंत इन्हीं विरोधी बलों द्वारा उतना ही ऋणात्मक कार्य करके ले लिया जाता है। पैडल चलाना बंद कर दीजिए तो साइकिल रुक जाती है — क्योंकि व्यय चलता रहता है और आपूर्ति रुक जाती है।