योजना क्या है। बीज ग्राम योजना के अंतर्गत एक गाँव चुना जाता है और उसके कृषकों के समूह को आधार अथवा प्रमाणित बीज अनुदानित दर पर दिया जाता है, साथ ही बीज उत्पादन, सफाई, उपचार, भंडारण और परीक्षण का प्रशिक्षण भी। फिर वह गाँव अपना गुणवत्तापूर्ण बीज स्वयं तैयार करता है और आसपास के गाँवों को देता है, जिससे अच्छा बीज कृषक को स्थानीय स्तर पर और सस्ते में मिल जाता है और हर ऋतु में दूर से खरीदना नहीं पड़ता।
देशी बीजों का संरक्षण क्यों आवश्यक है —
- वे स्थान के अनुकूल पहले से ढले हुए हैं। उसी मृदा, वर्षा और ताप में पीढ़ियों तक हुए चयन ने उन्हें स्थानीय परिस्थितियों और स्थानीय पीड़कों के अनुकूल बना दिया है — प्रायः किसी नई किस्म से कम जल और कम उर्वरक में।
- वे उपयोगी जीनों का भंडार हैं। जो रोग भविष्य में गंभीर बनेगा उसका प्रतिरोध आज केवल किसी पुरानी स्थानीय किस्म में हो सकता है। वह किस्म खो गई तो जीन भी उसी के साथ खो जाएगा और उसे लौटाया नहीं जा सकता।
- कृषक उन्हें बचाकर फिर बो सकता है। देशी किस्में शुद्ध रूप से पीढ़ी आगे बढ़ाती हैं, अतः उपज का एक भाग अगले वर्ष का बीज बन जाता है। संकर बीज ऐसा नहीं करता और हर ऋतु में नया खरीदना पड़ता है।
- विविधता एक बीमा है। यदि पूरा क्षेत्र एक ही किस्म बोए और वह किस्म विफल हो जाए तो पूरा क्षेत्र विफल हो जाता है — प्रश्न 7 का पाठ बीज पर लागू।
- वे स्वाद, पोषण और संस्कृति बचाते हैं। स्थानीय धान, बाजरा और दालें ऐसे पाक-गुण और पोषण-मान लिए होती हैं जो एकरूप व्यापारिक किस्मों में प्रायः नहीं मिलते।