चित्र बीच से समय के आधार पर बँटा है, जंतु के प्रकार के आधार पर नहीं। बायाँ आधा भाग वही वन दिन के प्रकाश में है और दायाँ आधा भाग वही वन रात में। अर्थात चित्रकार ने जंतुओं को इस आधार पर समूहित किया है कि वे कब सक्रिय होते हैं — दिन में सक्रिय (दिवाचर) प्रकाशित ओर, रात में सक्रिय (निशाचर) अँधेरी ओर।
- प्रकाशित ओर — मोर, उड़ता हुआ गरुड़, चीतल, तेंदुआ, बाघ, भालू, लंगूर, लाॅयन टेल्ड मकाक, तितली, व्याध पतंग, छोटे पक्षी और जल के किनारे खरगोश। ये सब दिन के प्रकाश में देखकर शिकार करते या भोजन खोजते हैं।
- अँधेरी ओर — चमगादड़, शाखा पर बैठा उल्लू, टहनी पर लिपटा अजगर, बड़ी आँखों वाला लोरिस, साही, कस्तूरी बिलाव (सिवेट), जल में मगर, और जुगनू। बड़ी आँखें, तीव्र श्रवण और चमकते संकेत — ये सब रात के उपकरण हैं।