कक्षा ९ विज्ञान अध्याय 12 विज्ञान एवं समाज के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-08

प्र1.
वर्तमान वर्षों में फुमडिस नष्ट होते जा रहे हैं और संगाई हिरण को आई.यू.सी.एन. की रेड डेटा सूची में सम्मिलित किया गया है। पर्यावास के नष्ट होने से संगाई हिरणों की जनसंख्या पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में फुमडिस और संगाई हिरण के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संगाई हिरण और उसके पर्यावास को बचाने के लिए अपने सुझाव दीजिए।
उत्तर

सबसे पहले फुमडिस बचाइए — हिरण को उनसे अलग करके बचाया ही नहीं जा सकता। संगाई मणिपुर का स्थानिक है और अपना अधिकांश समय लोकटक झील के केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान के तैरते घास मैदानों पर बिताता है, अतः पर्यावास ही उसकी जीवन-रक्षक प्रणाली है।

सुझाव, जिस पर वे कार्य करते हैं उसके अनुसार —

  1. लोकटक झील का जल-स्तर चक्र पुनः स्थापित कीजिए। फुमडिस मिट्टी की तैरती परतें हैं जिनकी मोटाई कुछ सेंटीमीटर से दो मीटर तक होती है, और इन पर उगी मूलबद्ध वनस्पतियों को समय-समय पर झील के तल को छूकर पोषक तत्व लेने पड़ते हैं। जल-स्तर स्थायी रूप से ऊँचा रखने से वे तैरती तो रहती हैं पर भूखी रह जाती हैं और पतली पड़ने लगती हैं। जल-स्तर को उसी प्राकृतिक ढंग से घटने-बढ़ने देना सबसे महत्त्वपूर्ण कदम है।
  2. पोषक और गाद का प्रवेश घटाइए। वाहित मल का उपचार कीजिए और जलग्रहण क्षेत्र से उर्वरक का बहाव रोकिए ताकि झील खरपतवार से न भर जाए; आस-पास की ढलानों पर वनस्पति लगाइए और बचाइए ताकि गाद कम आए।
  3. पर्यावास की रक्षा और विस्तार। केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान की सीमा का पालन करवाइए, फुमडिस काटना और जलाना रोकिए, और यदि संभव हो तो अतिरिक्त क्षेत्र जोड़िए ताकि जनसंख्या एक ही छोटे क्षेत्र में सिमटी न रहे — छोटे क्षेत्र तक सीमित जाति एक ही दुर्घटना में समाप्त हो सकती है।
  4. स्थानीय समुदाय के साथ काम कीजिए। मछुआरे परिवार झील पर निर्भर हैं। वैकल्पिक आजीविका दीजिए, उन्हें निगरानी और पर्यटन में जोड़िए और रखवाली के काम का पारिश्रमिक दीजिए — जो संरक्षण स्थानीय लोगों की आजीविका छीनता है वह टिकता नहीं।
  5. जनसंख्या की वैज्ञानिक निगरानी। नियमित गणना कीजिए और पहचान के लिए हिरण के अपने विशिष्ट लक्षणों का उपयोग कीजिए — वही खुरों और लंबे पैरों की विशेष बनावट जिससे प्रकृतिवादियों ने वर्ष 1953 में इसे पहचाना था — ताकि गिरावट का पता बाद में नहीं, आरंभ में ही चल जाए।
  6. सुरक्षा जनसंख्या बनाए रखिए। उचित अभिलेखों के साथ चिड़ियाघरों में बंदी प्रजनन समूह रखिए, ताकि एक बाढ़, रोग या आग से पूरी जाति समाप्त न हो जाए।
  7. जागरूकता फैलाइए। संगाई मणिपुर का राज्य पशु है और नृत्य करने वाला हिरण कहलाता है; उसके प्रति स्थानीय गर्व स्वयं में एक संरक्षण संसाधन है।
वर्ष 1951 की कहानी क्यों महत्त्वपूर्ण है: इस जाति को वर्ष 1951 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था और वर्ष 1953 में पुनः खोजा गया — इसके खुरों और लंबे पैरों की विशेष बनावट ही वह आधार थी जिससे प्रकृतिवादी इसे पहचान सके। यह वर्गीकरण का संरक्षण-कार्य है: जिसे आप पहचान नहीं सकते उसे बचा भी नहीं सकते। साथ ही यह चेतावनी भी है — कोई जाति "विलुप्त" से "पुनः खोजी गई" केवल एक बार बन सकती है।
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